24 सितंबर 2015 - 20:21
मेना घटना की छानबीन के लिये, इस्लामी सहयोग संगठन (OIC) बुलाए आपात बैठक।

आज मेना में जो दर्दनाक दुर्घटना घटी है उसकी छानबीन की मांग करते हुए आयतुल्लाह हादवी तेहरानी ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी करते हुए विश्व इस्लामी सहयोग संगठन की आपात बैठक बुलाने की मांग की है।

अहलेबैत (अ) समाचार एजेंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार आज मेना में जो दर्दनाक दुर्घटना घटी है उसकी छानबीन की मांग करते हुए आयतुल्लाह हादवी तेहरानी ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी करते हुए विश्व इस्लामी सहयोग संगठन की आपात बैठक बुलाने की मांग की है।

अहलेबैत (अ) वर्ल्ड असेंबली की उच्च परिषद के सदस्य ने अपने बयान में मस्जिदुल हराम में घटी दो घटनाओं की ओर इशारा किया और इस्लामी दुनिया के उल्मा और बुद्धिजीवियों से पूछा कि कब तक इन घटनाओं की अनदेखी करते रहेंगे?क्या हरमैन शरीफ़ैन में पाई जाने वाली सऊदी अधिकारियों की अव्यवस्था को दूर करने के लिए कोई ठोस कदम उठाने की जरूरत नहीं है?

उन्होंने इस्लामी देशों और मुस्लिम संगठनों से इन घटनाओं की जांच कराने के लिए ओ आई सी की आपात बैठक बुलाने की मांग की।

आयतुल्लाह हादवी तेहरानी के बयान का पूरा अनुवाद निम्नलिखित है:

بسم الله الرحمن الرحیم

وَإِذْ جَعَلْنَا الْبَيْتَ مَثَابَةً لِّلنَّاسِ وَأَمْنًا وَاتَّخِذُواْ مِن مَّقَامِ إِبْرَاهِيمَ مُصَلًّى وَعَهِدْنَا إِلَى إِبْرَاهِيمَ وَإِسْمَاعِيلَ أَن طَهِّرَا بَيْتِيَ لِلطَّائِفِينَ وَالْعَاكِفِينَ وَالرُّكَّعِ السُّجُودِ (سوره بقره، آیه 125)

बक़रीद,हाजियों की क़ुर्बानी में बदल गई। मस्जिदे हराम के बाद मेना, अल्लाह मेहमानों के खून से रंगीन हो गया और सऊदी अरब के शासकों की मूर्खता और अव्यवस्था का एक और प्रमाण सामने आ गया ताकि उनके पास कोई बहाना न रहे जो किसी भी घटना पर पर्दा डालने के लिए हवा के एक झोके को कसूरवार समझते हैं और मामूली बहाने से उन नालायक इंसानों की खुल्लम खुल्ला गलतियों की अनदेखी कर देते हैं ताकि अपनी रोज़ी रोटी चलती रहे या पद और नौकरी बची रहे या उन हड्डियों के टुकड़ों से जो मुसलमानों के अधिकारों को हड़पने वाले उनके आगे दान में डालते हैं और वह मजे लेते रहते हैं।

इस्लामी दुनिया के उल्मा और बुद्धिजीवियों से पूछा कि कब तक इन घटनाओं की अनदेखी करते रहेंगे?क्या हरमैन शरीफ़ैन में पाई जाने वाली सऊदी अधिकारियों की अव्यवस्था को दूर करने के लिए कोई ठोस कदम उठाने की जरूरत नहीं है?

क्या वह समय अभी नहीं आया है कि इस्लामी दुनिया के इन दो बड़े शहरों की व्यवस्था को इस्लामी दुनिया के पढ़े लिखे और समझदार लोगों के हाथों में दिया जाए और इन जैसी घटनाओं में कमी लाई जाए?

जरूरत इस बात की है कि अंतरराष्ट्रीय इस्लामी संगठनों ख़ास तौर पर इस्लामी सहयोग संगठन (OIC) तुरंत इस वर्ष हज में घटी घटनाओं की छानबीन के लिए आपात बैठक बुलाए और हरमैन शरीफ़ैन के मामलों को व्यवस्थित करने के लिए स्पष्ट फैसले ले ताकि भविष्य के हज और उमरा में ऐसी दर्दनाक घटनाओं और अव्यवस्था देखने को न मिलें। और अल्लाह के घर के ज़ाएरीन की जान, माल और उनकी इज़्ज़त और विश्वास की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाया जा सके।

आज बक़रीद के दिन हमें इमाम ज़माना अ.ज,मराजे केराम और इस्लामी इंक़ेलाब के सुप्रीम लीडर की सेवा में इस मुबारक दिन की मुबारकबाद पेश करना चाहिए लेकिन हम मजबूर हैं कि पूरे दुख और खेद के साथ उनकी सेवा में संवेदना प्रकट करें और सभी मृतकों,घायलों के घर वालों के लिए अल्लाह की बारगाह में माफ़ी और इनाम और सब्र की दुआ करते हैं।

वस्सलामो अलैकुम व रहमतुल्लाहे व बरकातो

मेहदी हादवी तेहरानी, क़ुम

                                                                       24 सितंबर 2015